श्री विश्वकर्मा जी की आरती (Vishwakarma Ji Ki Aarti)
श्री विश्वकर्मा जी की आरती (Vishwakarma Ji Ki Aarti) “जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा” एक पूजा क्रिया है जो विश्वकर्मा देवता को समर्पित की जाती है।
सरस्वती माता जी की आरती (Saraswati mata ki aarti)
सरस्वती माता की आरती (Saraswati mata ki aarti) करने से भक्तों के ज्ञान में वृद्धि होती है, और हम किसी भौतिक सुख सुविधा से वंचित नहीं रहते।
शीतला माता जी की आरती (Shitla mata ki aarti)
शीतला माता जी की आरती (Shitla mata ki aarti) “जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता” एक प्रसिद्ध हिंदू आरती है जो शीतला माता की पूजा के दौरान गायी जाती…
श्री झुलेलाल जी की आरती ( Shri Jhulelal ji ki aarti)
श्री झुलेलाल जी की आरती ( Shri Jhulelal ji ki aarti) “ॐ जय दूलह देवा” एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। यह भगवान की पूजा और आराधना का एक तरीका है।
महावीर जी की आरती (Shri Mahaveer Ji Ki Aarti)
महावीर जी की आरती (Shri Mahaveer Ji Ki Aarti) “ॐ जय महावीर प्रभु” करने से भक्तों को सारे संकट दूर होते हैं।
नरसिंह भगवान की आरती (Narsingh Bhagwan Ki Aarti)
धार्मिक ग्रंथो के अनुसर नरसिंह जी विष्णु के चौथे अवतार माने जाते हैं, Narsingh bhagwan ki aarti हितकारी और सन्मार्ग पर ले जाने वाला होता है।
अन्नपूर्णा माता की आरती (Annapurna mata ki aarti)
अन्नपूर्णा माता की आरती (Annapurna mata ki aarti) “बारम्बार प्रणाम मैया बारम्बार प्रणाम” अन्नपूर्णा माता की महिमा की प्रशंसा करने के लिए गाई जाती है।
शिव जी की आरती (Shiv ji ki aarti)
शिव जी की आरती (Shiv ji ki aarti) “ॐ जय शिव ओंकारा” भगवान शिव की महिमा की प्रशंसा करने के लिए गाई जाती है और भगवान की पूजा के समय…
गायत्री माता की आरती (Gayatri Mata Ki Aarti)
गायत्री माता की आरती (Gayatri Mata Ki Aarti) “जयति जय गायत्री माता” गायत्री माता की महिमा की प्रशंसा करने के लिए गाई जाती है। गायत्री माता हिन्दू धर्म के त्रिदेवी…
अम्बे माता की आरती (Ambe mata ki aarti)
नवरात्रि में अम्बे माता जी की आरती (Ambe mata ki aarti) का पाठ करने से भक्तों की सारी मनोकामना पूर्ण होती है और दुख दूर होते हैं।

