श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me)

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me) एक प्रसिद्ध हिंदी भजन है जो भगवान राम की भक्ति में समर्पित है। इस भजन को लखबीर सिंह लक्खा जी द्वारा गाया गया है और इसे अक्सर मंदिरों, समारोहों और अन्य धार्मिक आयोजनों में गाया जाता है। यह भजन एक भक्त की भगवान राम के प्रति गहरी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करता है।

जब श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या पहुंचे, फिर कुछ दिनों बाद जब अयोध्या में श्री राम जी का राज्याभिषेक होने के बाद राज दरबार में उपस्थित सभी को उपहार दिया जा रहा था।

माँ जानकी ने हनुमान जी को रत्न से जड़ित माला उपहार में दी, उस रत्नों से जड़ित माला को हनुमान जी देखने लगे और थोड़ी दूर पर जाकर उस रत्न जड़ित माला को एक – एक कर अपने दांत से तोड़ने लगे और अंत में उस माला को फेंक देते है।

हनुमान जी द्वारा माला को ऐसा किये जाने पर लक्ष्मण ने श्री राम जी से कहा भैया आप देख रहे है, माँ जानकी ने उन्हें इतना अमूल्य रत्नों से जड़ित माला दिया था, जिसे हनुमान ने तोड़ कर फेंक दिया है, वह माँ जानकी के दिए उपहार का अपमान कर रहे है।

तब श्री राम ने कहा हे अनुज आप दोनों मुझे अत्यंत प्रिय हो, इसका उत्तर तुम्हे हनुमान ही दे पायेगा।

इस पर लक्ष्मण ने हनुमान जी माला तोड़ने का कारन पूछा तो हनुमान जी ने बताया की लक्ष्मण भैया इस माला में तो कही भी राम नाम नहीं है, मैं एक-एक कर इन मोतियों में यही देख रहा था, जिस वस्तु में मेरे प्रभु श्री राम का नाम भी न हो वह वस्तु मेरे लिए अमूल्य कैसे हो सकती है।

इस पर लक्ष्मण ने कहा हनुमान जी आपके शरीर पर भी राम नाम नहीं है, तो आप इसे फेंक क्यों नहीं देते, इतना सुनते ही हनुमान जी अपने नाखुनो से छाती चीरकर लक्ष्मण और दरबार में उपस्थित सभी लोगों को दिखाया, सभी ने देखा की हनुमान जी के सीने में श्री राम और माता जानकी की सुन्दर छवि दिखाई दे रही थी, यह देखकर सभी आश्चर्यचकित हो गए, फिर लक्ष्मण जी ने हनुमान जी से क्षमा मांगी।

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me)


ना चलाओ बाण


,



व्यंग के ऐ विभिषण


,



ताना ना सह पाऊं


,



क्यूँ तोड़ी है ये माला


,



तुझे ए लंकापति बतलाऊं


,



मुझमें भी है तुझमें भी है


,



सब में है समझाऊँ


,



ऐ लंकापति विभीषण


,


ले देख


,



मैं तुझको आज दिखाऊं।।


श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,

देख लो मेरे दिल के नगीने में।।


मुझको कीर्ति ना वैभव ना यश चाहिए


,



राम के नाम का मुझ को रस चाहिए


,



सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में


,



श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में।।


अनमोल कोई भी चीज,

मेरे काम की नहीं,

दिखती अगर उसमे छवि,

सिया राम की नहीं ॥


राम रसिया हूँ मैं


,


राम सुमिरण करूँ


,



सिया राम का सदा ही मै चिंतन करूँ


,



सच्चा आनंद है ऐसे जीने में


,



श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥


फाड़ सीना हैं, सब को ये दिखला दिया,

भक्ति में मस्ती है, सबको बतला दिया,

कोई मस्ती ना, सागर को मीने में,

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥


श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मे,



देख लो मेरे दिल के नगीने में ॥

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में अंग्रेजी में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me In English)


Nahin Chalao Baan Vyang Ke Aih Vibhishan



Tana Na Seh Paoon, Kyon Todi Hai Yah Mala,



Tujhe E Lankapati Batlaoon



Mujh Mein Bhi Hai Tujh Mein Bhi Hai, Sab Mein Hai Samjhaoon



Ai Lanka Pati Vibhishan Le Dekh Main Tujh Ko Aaj Dikhaoon

Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein,

Dekh Lo Mere Man Ke Naaginen Mein ।


Mujh Ko Kirti Na Vaibhav Na Yash Chahiye,



Ram Ke Naam Ka Mujh Ko Ras Chahiye






Sukh Mile Aise Amrit Ko Pine Mein,



Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein






Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein





Anamol Koi Bhi Chij Mere Kaam Ki Nahin

Dikhti Agar Usme Chhavi Siya Ram Ki Nahin


Ram Rasiya Hoon Main, Ram Sumiran Karu,



Siya Raam Ka Sada Hi Mai Chintan Karu






Sachcha Anand Hai Aise Jine Mein Shri Ram,



Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein






Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein



Phaad Seena Hain Sab Ko Yah Dikhla Diya,

Bhakti Mein Hain Masti Bedhadak Dikhla Diya ।

Koi Masti Na Sagar Mine Mein,

Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein ॥

Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein ॥


Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein,



Dekh Lo Mere Man Ke Naaginen Mein ।

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me) Pdf

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श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me) FAQ

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me) भजन किसके द्वारा गाया गया है ?

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में भजन लखबीर सिंह लक्खा जी द्वारा गाया गया है, इस भजन के माध्यम से श्री हनुमान जी की श्री राम और माँ जानकी के प्रति अनंत भक्ति को प्रदर्शित किया गया है।

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में भजन किस भाषा में है?

रामा रामा रटते रटते भजन हिंदी भाषा में है।

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में भजन का महत्व क्या है?

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मेंभजन एक महत्वपूर्ण भजन है। यह भजन भगवान राम की भक्ति और आराधना को व्यक्त करता है। यह भजन लोगों को भगवान राम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में भजन की लोकप्रियता का क्या कारण है?

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me) की लोकप्रियता के कई कारण हैं। यह भजन भगवान राम की भक्ति में समर्पित है, जो हिंदू धर्म में एक लोकप्रिय विषय है।भजन की सरल और सुखद धुन इसे लोगों के लिए आकर्षक बनाती है।



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