कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics)

कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) भगवान

शिव

की आराधना का भजन है, जिसका गान उनकी महिमा और कृपा की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह भजन भगवान शिव की प्रतिमा को कृपालु और आश्रयदाता रूप में प्रकट करता है।

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” भजन के गाने से भक्त भगवान शिव के उच्च गुणों की स्तुति करते हैं और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। यह गीत भक्तों के मानसिक शांति, सुख, और आत्मा की ऊर्जा में वृद्धि कर सकता है और उनके आध्यात्मिक उत्कर्ष की प्रेरणा देने में मदद कर सकता है।

कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) वीडियो

कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) हिंदी में


कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि ॥1॥


मन्दारमालाकुलितालकायै कपालमालांकितकन्धराय।

दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय॥2॥


श्री अखण्डानन्दबोधाय शोकसन्तापहारिणे।

सच्चिदानन्दस्वरूपाय शंकराय नमो नम:॥3॥

—-Additional—


त्वमेव माता च पिता त्वमेव

त्वमेव बंधू च सखा त्वमेव

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव

त्वमेव सर्वं मम देव देव ||


कायेन वाचा मनसेंद्रियैर्वा

बुध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात

करोमि यध्य्त सकलं परस्मै

नारायणायेति समर्पयामि ||

कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) अंग्रेजी में

Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics

karpuuragowram karuṇaavataaram, samsaarasaaram bhujagendrahaaram .

sadaavasantam hṛdayaaravinde, bhavam bhavaaniisahitam namaami ॥1॥

mandaaramaalaakulitaalakaayai kapaalamaalaankitakandharaaya.

divyaambaraayai ch digambaraay nam: shivaayai ch nam: shivaaya॥2॥

shrii akhaṇḍaanandabodhaay shokasantaapahaariṇe.

sachchidaanandasvaruupaay shankaraay namo nam:॥3॥

—-additional—

tvamev maataa ch pitaa tvamev

tvamev bandhuu ch sakhaa tvamev

tvamev vidyaa draviṇam tvamev

tvamev sarvam mam dev dev ..

kaayen vaachaa manasendriyairvaa

budhyaatmanaa vaa prakṛteah svabhaavaat

karomi yadhyt sakalam parasmai

naaraayaṇaayeti samarpayaami ..


यह मधुर भक्ति गीत भी सुने



कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) गीत के मायने

  1. कर्पूरगौरं (कर्पूर गौरं):

    “कर्पूर” अर्थात् कपूर, और “गौरं” अर्थात् गौरी, भगवान शिव के स्वरूप का वर्णन करता है। यह उनका ध्यान और आराधना करने वाले भक्तों को उनके पवित्र और सुंदर स्वरूप की याद दिलाता है।

  2. करुणावतारं (करुणा अवतारं):

    “करुणा” अर्थात् करुणा या दया, और “अवतारं” अर्थात् अवतार, भगवान शिव के दयालु और करुणामय रूप की स्तुति करता है।

  3. संसारसारम् (संसार का सारम्):

    “संसार” अर्थात् संसार या जगत, और “सारम्” अर्थात् सार या मूल बात, भगवान शिव को जगत के मूल और आध्यात्मिक सार का प्रतिष्ठान करता है।

  4. भुजगेन्द्रहारम् (भुजगेंद्र हारम्):

    “भुजगेन्द्र” अर्थात् सर्पराज, और “हारम्” अर्थात् हार, इस श्लोक में शिव के गले में एक सर्पराज की तरह वास करने की बात की गई है। यह उनके अनुयायियों को उनके भयंकर रूप से उनकी कृपा और सुरक्षा की प्राप्ति की प्रेरणा देता है।

  5. सदावसंतं (सदा वसन्तं):

    “सदा” अर्थात् हमेशा, और “वसन्तं” अर्थात् बसने वाला, यह उनके सदैव अपने भक्तों के साथ बसने की बात करता है।

  6. हृदयारविन्दे (हृदय के अरविंद में):

    “हृदय” अर्थात् ह्रदय या मन, और “अरविंद” अर्थात् कमल, यह भगवान शिव के भक्त के हृदय के कमल में आवास करने की प्राप्ति की प्रार्थना करता है।

  7. भवं भवानीसहितं (भवं भवानी के साथ):

    “भवं” अर्थात् भगवान शिव, और “भवानीसहितं” अर्थात् भवानी के साथ, यह उनके संयोग से उनकी पार्वती देवी के साथ रहने की प्राप्ति की प्रार्थना करता है।

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कर्पूरगौरं करुणावतारं गीत (Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) से सम्बंधित प्रश्न

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत क्या है?

कर्पूरगौरं करुणावतारं(Karpura Gauram Karuna Avataram Lyrics) गीत एक प्रमुख शिव आरती है जो भगवान शिव की पूजा और स्तुति के लिए पढ़ी जाती है। इस आरती के शब्द शिव के गुणों और महत्व को व्यक्त करते हैं और भक्तों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत का अर्थ क्या है?

गीत के शब्दों में, “कर्पूरगौरं” का अर्थ होता है “कर्पूर के समान गोरा” और “करुणावतारं” का अर्थ होता है “करुणा का अवतार”। इस गीत में भगवान शिव को करुणामय और दयालु रूप में प्रस्तुत किया गया है।

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत का इतिहास क्या है?

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत का इतिहास अंग्रेजी शासक विलियम IV के समय के ब्रिटिश भारत में प्रारम्भ हुआ था। इसे वाराणसी के महाराजा रंगनाथराव के द्वारा शिव मंदिर की आरती के रूप में शुरू किया गया था।

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत के शब्द क्या हैं?

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत के शब्द हिन्दी और संस्कृत में होते हैं, और ये भगवान शिव की महिमा को गाते हैं। आप इस गीत के शब्द आरती बुक्स या ऑनलाइन स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं।

“कर्पूरगौरं करुणावतारं” गीत का महत्व क्या है?

इस आरती का महत्व भगवान शिव की पूजा और भक्ति में महत्वपूर्ण है। यह आरती उनके गुणों और महत्व को समर्पित करने और उनके आशीर्वाद का प्राप्ति करने का माध्यम होती है। इसके अलावा, यह गीत भक्तों को शिव जी की भक्ति में लीन होने में मदद करता है।



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