अंबा माई उतरी हैं बाग में लिरिक्स (Amba Mai Utari Hai Baag Me)

अंबा माई उतरी हैं बाग में लिरिक्स (Amba Mai Utari Hai Baag Me) माँ दुर्गा को समर्पित भक्ति भजन है। इस भक्ति भजन को स्वर दिया है शहनाज अख्तर जी ने। शहनाज अख्तर जी के मनमोहक स्वर में भक्तगण झूमते हुए इस भक्ति भजन का आनंद लें और मातारानी की जय जयकार करें। है। यह भजन नवरात्री एवं अन्य धार्मिक उत्सव में सुना जाता है।


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माँ दुर्गा की पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक, और आध्यात्मिक रूप से अनेक लाभ मिलते हैं। उनकी पूजा करने से सभी कार्य सफल होते हैं और जीवन में समृद्धि का आगमन होता है। इसलिए, मातारानी की पूजा को नियमित रूप से करना बहुत शुभ होता है।

अंबा माई उतरी हैं बाग में लिरिक्स (Amba Mai Utari Hai Baag Me) जानकारी

गीत के बोल अंबा माई उतरी हैं बाग में।।
स्वर शहनाज अख्तर जी
लिरिक्स एजाज खान जी
म्यूजिक एजाज खान जी
लेबल सुंदरानी

अंबा माई उतरी हैं बाग में लिरिक्स (Amba Mai Utari Hai Baag Me) हिंदी में

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

हो, मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

मैया हाथ में कलशा ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में कलशा ले खड़ी, हो, माँ)

मैया हाथ में कलशा ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में कलशा ले खड़ी, हो, माँ)

अरे, कुम्हरन बनके आ गई वो राजा की मलनिया

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

हो, मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

मैया हाथ में डबला तेल को, हो

(महामैया हाथ में डबला तेल को, हो, माँ)

मैया हाथ में डबला तेल को हो

(महामैया हाथ में डबला तेल को, हो, माँ)

अरे, तेलन बनके आ गई वो राजा की मलनिया

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

हो, मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

मैया हाथ में त्रिशूल ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में त्रिशूल ले खड़ी, हो, माँ)

मैया हाथ में त्रिशूल ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में त्रिशूल ले खड़ी, हो, माँ)

अरे, लोहरन बनके आ गई वो राजा की मलनिया

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

हो, मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

मैया हाथ में साठे ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में साठे ले खड़ी, हो, माँ)

मैया हाथ में साठे ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में साठे ले खड़ी, हो, माँ)

अरे, अहरन बनके आ गई वो राजा की मलनिया

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

हो, मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

मैया हाथ में निंबुआ ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में निंबुआ ले खड़ी, हो, माँ)

मैया हाथ में निंबुआ ले खड़ी, हो

(महामैया हाथ में निंबुआ ले खड़ी, हो, माँ)

अरे, काछन बनके आ गई वो राजा की मलनिया

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो

(महामैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

(मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ

(मैया, अंबा माई उतरी हैं बाग में, हो, माँ)

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