संकट हर लो मंगल कर दो (Sankat Har lo Mangal Kar do)
संकट हर लो मंगल कर दो (Sankat Har lo Mangal Kar do) भगवान श्री गणेश जी महाराज की भक्ति में गाये जाने वाला भजन है, इस भजन के गीतकार है…
गजानंद मैहर करो -भजन (Gajanand Mehar Karo -Bhajan)
गजानंद मैहर करो -भजन (Gajanand Mehar Karo -Bhajan) भगवान श्री गणेश जी महाराज की भक्ति में गाये जाने वाला भजन है, इस भजन के गीतकार है श्री मनीष तिवारी जी।
गौरा लल्ला को मनाओ तो जाने (Gaura Lalla Ko Manao To Jaane)
गौरा लल्ला को मनाओ तो जाने (Gaura Lalla Ko Manao To Jaane) भगवान श्री गणेश की स्तुति में गाये जाने वाला भक्ति भजन है।
हो जिनकी प्रथम पूजा भगवान वो न्यारे है (Ho Jinki Pratham Pooja Bhagwan Wo Nyare Hai)
हो जिनकी प्रथम पूजा भगवान वो न्यारे है (Ho Jinki Pratham Pooja Bhagwan Wo Nyare Hai) भगवान श्री गणेश जी महाराज को प्रथम पूज्य माना जाता है, जिसका तात्पर्य यह…
विघ्न हरण मंगल करण (Vighn Haran Mangal Karan)
विघ्न हरण मंगल करण (Vighn Haran Mangal Karan) यह भगवान श्री गणेश की स्तुति में गाये जाने वाला भक्ति भजन है। इस भजन में भगवान श्री गणेश की प्रति भक्ति का…
मैं आरती तेरी गाऊँ मेरे गणराज बिहारी (Mai Aarti Teri Gau Mere Ganraj Bihari)
मैं आरती तेरी गाऊँ मेरे गणराज बिहारी (Mai Aarti Teri Gau Mere Ganraj Bihari) यह भगवान श्री गणेश की स्तुति में गाये जाने वाला भक्ति भजन है, को समर्पित भक्ति भजन…
गजानन कर दो बेड़ा पार (Gajanan Kar do Beda Paar)
गजानन कर दो बेड़ा पार (Gajanan Kar do Beda Paar) भगवान श्री गणेश को समर्पित भक्ति भजन है, इस गीत में भगवान श्री गणेश के महिमा और रूप का गुणगान किया…
गणपति गणेश को उमा पति महेश को (Ganapati Ganesh Ko Uma Pati Mahesh Ko)
गणपति गणेश को उमा पति महेश को (Ganapati Ganesh Ko Uma Pati Mahesh Ko) भगवान श्री गणेश जी की स्तुति में गाये जाने वाला भक्ति भजन है। इस भक्ति भजन…
देवा लम्बोदर गिरजा नन्दना (Deva Lambodar Giraja Nandana)
देवा लम्बोदर गिरजा नन्दना (Deva Lambodar Giraja Nandana) भगवान श्री गणेश जी की स्तुति में गाये जाने वाला भक्ति भजन है। इस भक्ति भजन को स्वर दिया है श्री महंत…
जरा पास बैठो हे बांके बिहारी (Jara Paas Baitho He Banke Bihari)
जरा पास बैठो हे बांके बिहारी (Jara Paas Baitho He Banke Bihari) भगवान श्री कृष्ण को समर्पित भक्ति भजन है, जिसे देवी नेहा सारस्वत जी ने अपने मधुर ध्वनि में प्रस्तुत किया…

