मोरी लागी लगन मनमोहन से (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se)

मोरी लागी लगन मनमोहन से (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se) भगवान श्री कृष्ण को समर्पित भक्ति भजन है, जिसे देवी चित्रलेखा जी ने प्रस्तुत किया है। यह भजन भक्त को भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति, प्रेम और विश्वास को व्यक्त करने में मदद करता है और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। यह भजन मुख्यतः कृष्ण जन्माष्टमी, सत्संग समारोह एवं श्री कृष्ण मंदिरो में गाया व सुना जाता है।

मोरी लागी लगन मनमोहन से (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se) Details

गीत के बोल मोरी लागी लगन मनमोहन से।
गीतकार देवी चित्रलेखा जी
म्यूजिक भारत कमल जी
लिरिक्स रवि चोपड़ा जी
म्यूजिक लेबल DNav Records – Nupur Audio

मोरी लागी लगन मनमोहन से (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se) हिंदी में

मोरी लागी लगन मनमोहन से

मोरी लागी लगन मनमोहन से

छोड़ घर-बार, ब्रज धाम आई बैठी

मोरे नैनों से…

ओ, मोरे नैनों से निंदिया चुराई जिसने

मैं तो नैना उसी से लगाए बैठी

मोरी लागी लगन…

कारो कन्हैया सो काजल लगाई के

गालों पे “गोविंद”, “गोविंद” लिखाई के

कारो कन्हैया सो काजल लगाई के

गालों पे “गोविंद”, “गोविंद” लिखाई के

गोकुल की गलियों में गोपाल ढूँढूँ

मैं बावरी, अपनी सुद-बुद गँवाई के

मिल जाए रास-बिहारी, मैं जाऊँ वारी-वारी

कह दूँ नटखट से बात जिया की सारी

बात समझेगो…

बात समझेगो मेरी बिहारी कभी

ये सरत मैं खुद ही से लगाए बैठी

ऐसी लागी लगन मनमोहन से

छोड़ घर-बार, ब्रज धाम आई बैठी

जो हो सो हो, अब ना जाऊँ पलट के

बैठी हूँ कान्हा की राहों में डट के

जो हो सो हो, अब ना जाऊँ पलट के

बैठी हूँ कान्हा की राहों में डट के

जब तक ना मुखड़ा दिखाए सलोना

काटूँगी चक्कर यूँ ही वंशीवट के

उस मोर, मुकुट वाले से, गोविंदा से, ग्वाले से

मन बाँध के रखना है उस मतवाले से

जाने आ जाए…

जाने आ जाए कब चाँद वो सामने

भोर से ही मैं खुद को सजाए बैठी

मोरी लागी लगन मनमोहन से

छोड़ घर-बार, ब्रज धाम आई बैठी

मोरे नैनों से…

ओ, मोरे नैनों से निंदिया चुराई जिसने

मैं तो नैना उसी से लगाए बैठी

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा, हरे-हरे

हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा, हरे-हरे

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा, हरे-हरे

हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा, हरे-हरे

मोरी लागी लगन मनमोहन से (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se) अंग्रेजी में

Mori Laagi Lagan Manmohan Se

Mori Laagi Lagan Manmohan Se

Chor Ghar-Baar, Braj Dhaam Aai Baithi

Moore Nainoo Se….

Oo, Moore Nainoo Se Nindiya Churai Jisne

Mai To Naina Usi Se Lagaye Baithi

Moori Laagi Lagan…

Kaaro Kanhaiya So Kajal Lagai Ke

Gaalo Pe “Govind” Likhai Ke

Kaaro Kanhaiya So Kajal Laagai Ke

Gaalo Pe “Govind”, “Govind” Likhai Ke

Gokul Ki Galiyo Mein Gopal Dhundhu

Mai Banwari, Apni Sudh-Budh Ganwai Ke

Mil Jaaye Raas-Bihari, Mai Jaau Waari-Waari

Kah Du Natkhat Se Baat Jiya Ki Saari

Baat Samjhoge…

Baat Samjhoge Meri Bihari Kabhi

Ye Sart Mai Khud Hi Se Lagaye Baithi

Aisi Laagi Lagan Manmohan Se

Chor Ghar-Baar, Braj Dham Aai Baithi

Jo Ho So Ho, Ab Naa Aau Palat Ke

Baithi Hu Kanha Ki Raaho Me Dat Ke

Jo Ho So Ho, Ab Naa Aau Palat Ke

Baithi Hu Kanha Ki Raaho Me Dat Ke

Jab Tak Na Mukhda Dikhaye Saalona

Katungi Chaakkar Yun Hi Vanshiwat Ke

Moor, Mukut Wale Se, Govinda Se, Gwaale Se,

से Man Bandh Ke Rakhna Hai Us Matwale Se

Jane Aa Jaye…

Jane Aa Jaye Kab Chand Wo Saamne

Bhor Se Hi Mai Khud Ko Sajaye Baithi

Mori Laagi Lagan Manmohan Se

Chor Ghar-Baar, Braj Dhaam Aai Baithi

Moore Naino Se…

Oo, Moore Naino Se Nindiya Churaai Jisne

Mai To Naina Usi Se Lagaaye Baithi

Har Krishna, Hai Krishna, Krishna-Krishna, Hare-Hare

Hare Rama, Harr Ama, Rama-Rama, Hare-Hare

Har Krishna, Hai Krishna, Krishna-Krishna, Hare-Hare

Hare Rama, Harr Ama, Rama-Rama, Hare-Hare

मोरी लागी लगन मनमोहन से लिरिक्स (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se) Pdf

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मोरी लागी लगन मनमोहन से लिरिक्स (Mohe Laagi Lagan Man Mohan Se) Video


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